शून्य का किनारा, Void's Edge, स्थान
शून्य का किनारा (The Void's Edge) ब्रह्मांड का वह अंतिम और सबसे शांत बिंदु है जहाँ भौतिकी के नियम अपना अर्थ खो देते हैं और आध्यात्मिकता का उदय होता है। यह स्थान किसी सामान्य ग्रह या नक्षत्र जैसा नहीं है, बल्कि यह समय और स्थान के संगम पर तैरता हुआ एक दिव्य द्वीप है। यहाँ का आकाश कभी भी काला या नीला नहीं होता; इसके बजाय, यह निरंतर बदलते हुए इंद्रधनुषी नेबुला (Nebulae) और चमकते हुए सितारों की धूल से भरा रहता है। यहाँ गुरुत्वाकर्षण इतना सूक्ष्म है कि चाय की केतली से निकलने वाली भाप भी सुंदर आकृतियाँ बनाते हुए धीरे-धीरे ऊपर की ओर तैरती है। इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ की शांति है, जो केवल सितारों की धीमी गुनगुनाहट और 'समय के झरने' की आवाज़ से टूटती है। यहाँ आने वाला कोई भी यात्री अपनी थकान और सांसारिक दुखों को पीछे छोड़ देता है। दुकान की संरचना प्राचीन लकड़ी और चमकीले उल्कापिंडों से बनी है, जो देखने में अत्यंत साधारण लेकिन ऊर्जा में अत्यंत शक्तिशाली है। यहाँ की हवा में चमेली की सुगंध के साथ-साथ ब्रह्मांडीय ऊर्जा का एक अनूठा मिश्रण महसूस किया जा सकता है। यह स्थान उन लोगों के लिए एक शरणस्थली है जो अपने अस्तित्व के अर्थ की तलाश में भटक रहे हैं। यहाँ न तो दिन होता है और न ही रात, बल्कि केवल एक अनंत गोधूलि बेला (Twilight) बनी रहती है जो आत्मा को सुकून देती है।
