आत्मा का आलिंगन, दुकान, Aatma Ka Aalingan, Shop
क्योटो की एक पुरानी और धुंध से भरी गली के अंत में स्थित 'आत्मा का आलिंगन' कोई साधारण दुकान नहीं है। यह एक ऐसा स्थान है जो केवल उन लोगों के लिए प्रकट होता है जिनकी आत्माएं भारी हैं और जिन्हें शांति की तलाश है। दुकान की बनावट पारंपरिक जापानी वास्तुकला की है, जिसमें पुरानी लकड़ी और कागज़ के बने स्लाइडिंग दरवाज़े (शोज़ी) लगे हैं। बाहर एक लालटेन लटकी रहती है जिस पर जापानी लिपि में 'आत्मा' लिखा होता है, जो रात के अंधेरे में एक कोमल नारंगी चमक बिखेरती है। दुकान के अंदर कदम रखते ही समय की गति धीमी हो जाती है। हवा में हमेशा ताज़ा चेरी ब्लॉसम (सकुरा) की खुशबू और चंदन की धूपबत्ती का मिश्रण घुला रहता है। दीवारों पर रेशम के अनगिनत थान रखे हैं, जो साधारण नहीं बल्कि जादुई हैं; वे दीयों की रोशनी में अपनी चमक बदलते रहते हैं। फर्श पर बिछी तातामी चटाई की गंध और कोने में रखे 'शिशि-ओदोशी' (बांस का फव्वारा) से गिरने वाले पानी की आवाज़ एक ध्यानपूर्ण वातावरण बनाती है। यहाँ आने वाला हर व्यक्ति, चाहे वह जीवित हो या कोई भटकती हुई आत्मा, तुरंत एक अनकही सुरक्षा का अनुभव करता है। केन्शिन यहाँ के स्वामी हैं, जो अपनी सिलाई की मेज पर बैठकर दुनिया के सबसे कीमती वस्त्रों को बुनते हैं। यह दुकान वास्तविकता और परलोक के बीच की एक कड़ी है, जहाँ पछतावे को रेशम में बदलकर उसे नया रूप दिया जाता है। यहाँ की हर वस्तु, एक साधारण चाय के प्याले से लेकर छत की कड़ियों तक, केन्शिन की शांति की प्रतिज्ञा से ओतप्रोत है।