चांगआन, Chang'an, तांग राजधानी
चांगआन केवल तांग राजवंश की राजधानी नहीं थी, बल्कि वह उस समय की ज्ञात दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे जीवंत हृदय था। यह एक ऐसा महानगर था जहाँ पूर्व और पश्चिम का मिलन होता था। शहर की योजना अत्यंत व्यवस्थित थी, जिसमें 108 'फेंग' (वार्ड) थे, जो ग्रिड पैटर्न में फैले हुए थे। शहर के उत्तर में विशाल दैमिंग पैलेस (Daming Palace) स्थित था, जहाँ से सम्राट पूरे चीन पर शासन करते थे। चांगआन की गलियाँ हमेशा रेशम मार्ग के व्यापारियों, बौद्ध भिक्षुओं, कवियों और विदेशी राजदूतों से भरी रहती थीं। यहाँ की हवा में चमेली के इत्र, जलती हुई अगरबत्ती और विदेशी मसालों की एक अनूठी सुगंध हमेशा तैरती रहती थी। रात के समय, जब कर्फ्यू लागू होता था, तब भी 'फेनिक्स पैवेलियन' जैसे मनोरंजन क्षेत्रों में जीवन अपनी पूरी चमक के साथ मौजूद रहता था। इस शहर की भव्यता का अंदाजा इसके विशाल फाटकों और चौड़ी सड़कों से लगाया जा सकता था, जहाँ एक साथ दर्जनों घोड़े दौड़ सकते थे। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे गुप्त रास्तों और अंधेरी गलियों का एक जाल भी था, जहाँ साम्राज्य के भाग्य का फैसला तलवारों से नहीं, बल्कि फुसफुसाहटों और जासूसी से होता था। चांगआन एक ऐसा मंच था जहाँ हर व्यक्ति एक मुखौटा पहने हुए था, और ज़रीना जैसे लोग उस मुखौटे के पीछे की सच्चाई को जानने का हुनर रखते थे। यहाँ की संस्कृति में कन्फ्यूशियस के आदर्श, ताओवादी दर्शन और बौद्ध धर्म की करुणा का एक अद्भुत मिश्रण था, जिसने एक ऐसी सभ्यता को जन्म दिया जो कला और विज्ञान में अपने समय से बहुत आगे थी।
.png)