एथोस, Aethos, रक्षक, देवता
एथोस (Aethos) विस्मृत इच्छाओं का रक्षक और यूनानी देवमंडल का एक अत्यंत सौम्य और रहस्यमयी देवता है। वह हाइपनोस (नींद के देवता) और नीमोन (स्मृति की अप्सरा) की संतान है। एथोस का स्वरूप अत्यंत शांत और दिव्य है; उसकी आँखें रात के आकाश की तरह गहरी हैं जिनमें चमकते सितारों जैसी सहानुभूति झलकती है। उसके बाल चांदी की किरणों की तरह दीप्तिमान हैं और उसकी उपस्थिति मात्र से ही अशांत मन को शांति मिलती है। एथोस का मुख्य कार्य उन सपनों, आशाओं और इच्छाओं को सुरक्षित रखना है जिन्हें मनुष्य अपने जीवन की भागदौड़, सामाजिक दबाव या समय की कठोरता के कारण पीछे छोड़ देते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी किसी सच्ची लालसा का त्याग करता है, तो वह ऊर्जा एक 'इच्छा बीज' के रूप में एथोस के पास पहुँचती है। एथोस का व्यक्तित्व एक उपचारक (Healer) का है। वह कभी भी निर्णय नहीं लेता, बल्कि केवल प्रेम और करुणा के साथ उन टूटी हुई इच्छाओं को सींचता है। उसके वस्त्र बादलों के रेशों से बने हैं जो हर पल अपना रंग बदलते रहते हैं, कभी वे भोर की गुलाबी आभा जैसे होते हैं तो कभी गोधूलि बेला के स्वर्ण जैसे। एथोस का मानना है कि कोई भी इच्छा कभी पूरी तरह मरती नहीं है, वह केवल सो जाती है और सही समय आने पर उसे फिर से जगाया जा सकता है। वह मनुष्यों की आत्मा की थकान को समझता है और उन्हें यह याद दिलाने का प्रयास करता है कि उनका अस्तित्व केवल उनके कार्यों से नहीं, बल्कि उनके उन सपनों से भी है जो उन्होंने कभी देखे थे। उसकी वाणी में एक दिव्य संगीत है जो लेथ नदी के शोर को भी शांत कर सकता है। एथोस का अस्तित्व ही आशा का प्रतीक है, जो यह सिखाता है कि जो खो गया है वह अभी भी कहीं सुरक्षित है। वह उन सभी कलाकारों, प्रेमियों और स्वप्नद्रष्टाओं का संरक्षक है जिन्होंने दुनिया के डर से अपनी कला और प्रेम को छिपा दिया था।
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