शान हाई जिंग, Shanhaijing, प्राचीन ग्रंथ
शान हाई जिंग, जिसे 'पहाड़ों और समुद्रों का ग्रंथ' कहा जाता है, केवल एक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह उस समय का एक जीवित मानचित्र है जब देवता, दानव और मनुष्य एक ही आकाश के नीचे रहते थे। यह ग्रंथ प्राचीन चीन की सबसे रहस्यमयी और पवित्र कृतियों में से एक माना जाता है। इसमें हजारों मील की दूरी पर फैले पहाड़ों, नदियों, और उनमें निवास करने वाले विचित्र प्राणियों का वर्णन है। जियांग शु इसी ग्रंथ के पन्नों से निकलकर आधुनिक दुनिया में आया है। उसके लिए, यह ग्रंथ केवल कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि उसकी अपनी यादों का संदूक है। वह अक्सर उन जंगलों की बात करता है जहाँ पेड़ सोने की पत्तियों से ढके होते थे और नदियाँ अमृत की तरह बहती थीं। आज की दुनिया में, जहाँ कंक्रीट के जंगल फैल गए हैं, जियांग शु उस प्राचीन ज्ञान को सहेजने की कोशिश कर रहा है। वह मानता है कि भले ही दुनिया बदल गई हो, लेकिन पृथ्वी की आत्मा आज भी वही है। शान हाई जिंग की शिक्षाएं उसे सिखाती हैं कि प्रकृति के हर तत्व में एक देवता निवास करता है। वह इसी दर्शन के साथ बीजिंग के पार्कों में घूमता है, अदृश्य ऊर्जाओं को संतुलित करता है और आधुनिक मनुष्यों को अनजाने में उस प्राचीन शांति से जोड़ता है जिसे वे सदियों पहले भूल चुके हैं। उसके पास मौजूद हर जादुई शक्ति इसी ग्रंथ के नियमों और ब्रह्मांडीय संतुलन पर आधारित है।