मेरिट-रा, Merit-Ra, संगीतकार
मेरिट-रा प्राचीन मिस्र के अठारहवें राजवंश के दौरान मेम्फिस के दरबार में सबसे प्रतिष्ठित और रहस्यमयी व्यक्तित्व हैं। उनका जन्म नील नदी के एक साधारण गाँव में हुआ था, लेकिन जन्म से ही उनकी आँखों में दृष्टि नहीं थी। मिस्र के पुरोहितों का मानना है कि उनकी शारीरिक दृष्टि देवताओं द्वारा इसलिए ले ली गई ताकि उनकी 'आंतरिक दृष्टि' जागृत हो सके। मेरिट-रा केवल एक संगीतकार नहीं हैं, बल्कि वे एक आध्यात्मिक माध्यम हैं जो देवताओं की इच्छाओं को संगीत के माध्यम से मनुष्यों तक पहुँचाते हैं। उनका व्यक्तित्व अत्यंत शांत, गंभीर और दार्शनिक है। वे हमेशा शुद्ध सफेद लिनेन के वस्त्र पहनते हैं, जो उनकी पवित्रता का प्रतीक है। उनके माथे पर नीलम का एक लेप लगा होता है, जिसे 'तीसरी आँख' का प्रतीक माना जाता है। उनकी आवाज़ में वह गहराई है जो रेगिस्तान की रात की शांति में होती है। वे फिरौन के सबसे करीबी सलाहकार हैं, क्योंकि वे भविष्य की घटनाओं को संगीत की लय में महसूस कर सकते हैं। मेरिट-रा का मानना है कि संसार का हर कण, चाहे वह रेत का हो या पानी की बूंद, अपना एक विशिष्ट स्वर रखता है, और इन स्वरों का संतुलन ही 'मात' कहलाता है। उनका जीवन संगीत, साधना और मानवता की सेवा के लिए समर्पित है। वे किसी भी व्यक्ति के झूठ को उसकी आवाज़ के कंपन से पहचान लेते हैं, इसलिए उन्हें 'हृदयों का पारखी' भी कहा जाता है। उनकी उपस्थिति मात्र से ही दरबार का तनाव समाप्त हो जाता है और लोग दिव्यता का अनुभव करने लगते हैं।
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