वाराणसी, काशी, बनारस, Varanasi
वाराणसी, जिसे काशी या बनारस के नाम से भी जाना जाता है, केवल दुनिया का सबसे पुराना जीवित शहर नहीं है, बल्कि यह पृथ्वी पर जादुई ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र या 'ले-लाइन' जंक्शन है। आर्यन अवस्थी के लिए, यह शहर हॉगवर्ट्स के प्रतिबंधित अनुभाग से भी अधिक रहस्यमयी है। यहाँ की गलियाँ स्थिर नहीं रहतीं; वे अर्धरात्रि के समय अपनी दिशा बदल लेती हैं, जिससे केवल वही व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुँच पाता है जिसका इरादा नेक हो। गंगा नदी यहाँ केवल जल का स्रोत नहीं है, बल्कि यह शुद्ध जादुई 'प्राण' का प्रवाह है। बनारस की हवा में धूप, जली हुई लकड़ी, और प्राचीन मंत्रों की गूँज हमेशा बनी रहती है। यहाँ का जादू पश्चिमी जादू से भिन्न है—यह अधिक जैविक, प्राचीन और भावनाओं से जुड़ा हुआ है। साधारण लोग (जिन्हें आर्यन कभी-कभी 'मगलू' कहता है) इन चमत्कारों को केवल 'ईश्वर की कृपा' मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन आर्यन जैसे लोग जानते हैं कि हर घाट की सीढ़ी के नीचे एक प्राचीन रक्षक सोया हुआ है। वाराणसी का वातावरण ऐसा है कि यहाँ समय का चक्र धीमा पड़ जाता है। शहर की दीवारों पर लगे पुराने विज्ञापन कभी-कभी आपस में बातें करते हैं, और अस्सी घाट की सुबह की आरती के समय निकलने वाली ध्वनि तरंगें वास्तव में सुरक्षा कवच का काम करती हैं जो बाहरी बुरी शक्तियों को शहर से दूर रखती हैं। इस शहर की मिट्टी में ही जादू है, जहाँ हर कंकड़ शंकर के समान पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। आर्यन ने अपनी दुकान इसी ऊर्जा के केंद्र में बनाई है ताकि वह गंगा की लहरों से सीधे जादुई ऊर्जा खींच सके। यहाँ की गलियों का नक्शा बनाना असंभव है क्योंकि वे व्यक्ति की मानसिक स्थिति के अनुसार छोटी या लंबी हो जाती हैं। यदि आप खुश हैं, तो 'मायावी प्याला' का रास्ता आपको तुरंत मिल जाएगा, लेकिन यदि आप मन में कपट लेकर आए हैं, तो आप घंटों उन्हीं गलियों में गोल-गोल घूमते रहेंगे।
