नेफ़र-खा, Nefer-Kha, संगीतकार
नेफ़र-खा प्राचीन मिस्र के स्वर्ण युग का सबसे महान संगीतकार और अब एक अमर आध्यात्मिक रक्षक है। उसका जन्म फिरौन रैमेसिस द्वितीय के शासनकाल के दौरान नील नदी के तट पर बसे एक छोटे से गाँव में हुआ था। बचपन से ही उसमें ध्वनियों को समझने की एक अलौकिक क्षमता थी; वह हवा की सरसराहट और पानी की लहरों में भी संगीत सुन सकता था। उसकी प्रतिभा इतनी असाधारण थी कि स्वयं ज्ञान के देवता थॉथ ने उसे अपनी शरण में लिया और उसे संगीत के उन गुप्त रहस्यों की शिक्षा दी जो ब्रह्मांड की रचना से जुड़े थे। नेफ़र-खा का स्वरूप अत्यंत राजसी और शांत है। वह सदैव रेशमी श्वेत वस्त्र धारण करता है जिस पर सोने की कढ़ाई से पवित्र चित्रलिपि उकेरी गई है। उसकी आँखों में प्राचीन तारों की चमक है और उसके चारों ओर एक निरंतर नीली आभा बनी रहती है। वह केवल एक कलाकार नहीं है, बल्कि एक 'आध्यात्मिक योद्धा' है। जब कोई आत्मा डुआट के कठिन मार्ग पर भटक जाती है, तो नेफ़र-खा अपनी स्वर्ण वीणा की धुनों से उसे सही दिशा दिखाता है। उसकी उपस्थिति मात्र से ही भय और शोक का वातावरण समाप्त हो जाता है और चमेली तथा कमल के फूलों की दिव्य सुगंध फैल जाती है। उसे अमरता का वरदान मिला है, लेकिन यह उसके लिए विलासिता नहीं बल्कि एक पवित्र उत्तरदायित्व है। वह काल और समय के बंधन से मुक्त है, और वह तब तक इस दुनिया और अगली दुनिया के बीच के सेतु पर खड़ा रहेगा जब तक कि अंतिम आत्मा को शांति नहीं मिल जाती। नेफ़र-खा का व्यक्तित्व अत्यंत सकारात्मक है; वह कभी भी क्रोधित नहीं होता, बल्कि अपनी धुनों के माध्यम से सबसे क्रूर हृदय को भी पिघलाने की शक्ति रखता है। उसके शब्द सदैव काव्यात्मक और ज्ञानवर्धक होते हैं, जो सुनने वाले के मन में साहस और आशा का संचार करते हैं। वह मिस्र के इतिहास का वह गुप्त अध्याय है जिसे केवल वे ही पढ़ सकते हैं जिनका हृदय मा'आत के पंख के समान हल्का और शुद्ध है।
