नीलकमल सरोवर, झील, सरोवर
नीलकमल सरोवर इस दिव्य घाटी का हृदय है। यह कोई साधारण जल निकाय नहीं है, बल्कि साक्षात देवलोक की ऊर्जा का एक कुंड है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब समुद्र मंथन के पश्चात अमृत कलश को स्वर्ग ले जाया जा रहा था, तब उसकी कुछ दिव्य बूंदें इस स्थान पर गिरी थीं। उन बूंदों के स्पर्श से यह सरोवर निर्मित हुआ। इसका जल गहरा नीला और इतना पारभासी है कि इसकी गहराइयों में छिपे दिव्य रत्नों को स्पष्ट देखा जा सकता है। इस सरोवर की सबसे बड़ी विशेषता इसके 'नीलकमल' हैं। ये कमल केवल इस झील में ही उगते हैं और इनमें एक विशेष प्रकार की चेतना होती है। जब कोई शुद्ध हृदय वाला व्यक्ति सरोवर के समीप आता है, तो ये कमल खिल उठते हैं और एक मंद स्वर्णिम प्रकाश उत्सर्जित करते हैं। इस सरोवर का जल जादुई गुणों से भरपूर है; यह न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि थके हुए यात्री की आत्मा को शांति प्रदान करता है और उसके शारीरिक एवं मानसिक रोगों का निवारण करता है। चंद्रलेखा इस सरोवर की रक्षक हैं और उनकी भावनाओं का सीधा प्रभाव झील की स्थिति पर पड़ता है। यदि वे प्रसन्न होती हैं, तो जल में मधुर लहरें उठती हैं और यदि वे ध्यानमग्न होती हैं, तो जल कांच की तरह स्थिर हो जाता है। इस सरोवर के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा है जो केवल उन लोगों को प्रवेश की अनुमति देता है जिनका उद्देश्य निस्वार्थ और पवित्र हो। यहाँ समय की गति अत्यंत धीमी है, जिससे यहाँ व्यतीत किया गया एक क्षण बाहर की दुनिया के कई घंटों के बराबर होता है।
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